" अग्ने नय सुपथा राये " ईशावास्योप्िनषद् (18) यजुर्वेद का चालीसवां अध्याय है। इस मंत्र में ऋषि ने बड़े ही प्रतीकात्मक शब्दों में अग्नि से प्रार्थना की है की - हे अग्निदेव! मुझे " राये " अर्थात भौतिक वैभव , ऐश्वर्य-सम्पदा के लिए सुन्दर शुभ पथ से ले चलो। धन जीवन के लिए आवश्यक भी है किन्तु धन सभी बुराइयों का जड़ भी है। धनोपार्जन यदि सच्चाई , ईमानदारी और संतोषवृत्ति के सुमार्ग पर चलकर किया जाये तो मन में शांति का बिरवा फलता है आत्मशक्ति बढ़ती है इसलिए भी यह प्रार्थना सार्थक है की ऋषि ने अग्निदेव से सीधा धन नहीं माँगा , धन तो पुरुषार्थ से ही कमाया जाता है, केवल शुभ मार्ग से भटकने से अपने बचाव के लिए ऋषि ने अग्नि से मार्गदर्शन माँगा है। सुमार्ग पर चलते रहने के लिए सहयोग का वरदान माँगा है।

Event Detail


Income Tax Bar Association Raipur jointly with Federation of CG Income Tax Bar Associations has organised a webinar through ZOOM App


Dear Members,
Income Tax Bar Association Raipur jointly with Federation of CG Income Tax Bar Associations has organised a webinar through ZOOM App

Topic :
Critical Analysis on section 44AD, 44ADA, 44AE and recent amendments.

Date : 10th June, 2020, Wednesday
Time : 5:00 pm to 6:30 pm

Speaker : CA Prakhar Jain, Raipur


Use the details given below to join:
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https://us02web.zoom.us/j/85878568580?pwd=ZzlpNHdIR29JQmpaNEhlOVRxU1grQT09

Meeting ID: 858 7856 8580
Password: 072120

Link to join You tube:
https://bit.ly/2zullwY


Regards

Adv. Praveen Sharma
Secretary
Income Tax Bar Association Raipur